मध्य प्रदेश के कटनी में जिला अस्पताल जा रही एक गर्भवती महिला की कार अचानक शहर के एक चौराहे के बीच बंद हो गई। बीच सड़क वाहन खराब होने से दर्द से कराहती महिला और उसके परिजन असमंजस में पड़ गए। वहीं, चौराहे पर कार खड़ी होने के कारण यातायात व्यवस्था बाधित होने की आशंका पैदा होने लगी। इस मुश्किल घड़ी में चौराहे की ड्यूटी पर तैनात यातायात पुलिस के दो जवान मदद के लिए आगे आए। उन्होंने तत्परता दिखाते हुए पहले तो कार को धक्का देकर सड़क किनारे कराया और गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए ऑटो की व्यवस्था भी कराई।

मामले को लेकर चौराहे पर तैनात यातायात पुलिस के जवानों ने बताया कि, गर्भवती महिला अपने परिजन के साथ कार से जिला अस्पताल की ओर जा रही थी। इसी दौरान चौराहे के बीच अचानक उनकी कार बंद हो गई। वाहन के बीच सड़क पर रुक जाने से महिला और उसके परिजन परेशान हो गए। हमने दूर से उन्हें देखा तो कार में सवार सभी लोग काफी असमंज में दिखाई दिए। हमे समझ आ गया कि, उनकी गाड़ी बंद हो गई है, जिसके कारण वो परेशान हो रहे हैं। चौराहे पर वाहनों की आवाजाही के बीच कार को आगे ले जाना भी संभव नहीं था। ऐसी स्थिति में समय पर अस्पताल पहुंचना भी उनके लिए चुनौती बन गया।


तत्काल पहुंचकर कार को किनारे कराया

चौराहे पर ड्यूटी कर रहे यातायात पुलिस के दो जवानों ने स्थिति को देखते हुए तत्काल मदद की। उन्होंने कार को रिवर्स में धक्का देते हुए सड़क किनारे पहुंचाया, जिससे अन्य वाहनों की आवाजाही प्रभावित न हो और यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे। इसके बाद जवानों ने गर्भवती महिला और उसके परिजन को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए ऑटो की व्यवस्था की, ताकि समय रहते उसे उपचार मिल सके।

यातायात संभालने के साथ निभाई मानवीय जिम्मेदारी

शहर के प्रमुख चौराहों पर यातायात व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की नियमित जिम्मेदारी है। सड़क पर वाहन खराब होने या किसी अन्य कारण से जाम की स्थिति बनने पर पुलिसकर्मियों को तत्काल व्यवस्था संभालनी पड़ती है। इस घटना में जवानों ने यातायात नियंत्रित करने के साथ जरूरतमंद परिवार की मदद भी की। गर्भवती महिला को जिला अस्पताल पहुंचने के लिए वैकल्पिक साधन उपलब्ध कराने की इस पहल ने ड्यूटी के दौरान पुलिस की संवेदनशीलता और तत्परता को सामने रखा। संकट की घड़ी में समय पर मिली मदद से महिला और उसके परिजनों को राहत मिली।