भोपाल । प्रदेश में बिजली संकट और ग्रामीण क्षेत्रों में कटौती की स्थिति को लेकर गुरुवार को कैबिनेट की बैठक में ऊर्जा विभाग ने प्रस्तुतीकरण दिया। इस दौरान मंत्रियों ने अधिकारियों से सवाल किया कि बिजली की कमी है तो कटौती केवल गांवों और कस्बों में ही क्यों हो रही है?पलेवा के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से किसान परेशान हैं और बिजली कार्यालयों के घेराव की स्थिति बन रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नवरात्र को देखते हुए शाम छह से रात 12 बजे तक निर्बाध बिजली आपूर्ति के निर्देश दिए।

4 हजार मेगावाट बढ़ी मांग

बैठक में बताया गया कि मांग करीब 4 हजार मेगावाट बढ़ गई है। कमजोर मानसून से जल विद्युत उत्पादन प्रभावित हुआ। वहीं, मालवांचल में किसानों ने सितंबर से ही रबी फसलों के लिए पलेवा शुरू कर दिया। तापमान बढ़ने से घरेलू बिजली की मांग में भी 23 प्रतिशत तक वृद्धि हुई।

जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा सहित अन्य मंत्रियों ने ग्रामीण क्षेत्रों में ही कटौती किए जाने पर सवाल उठाए। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने भी शाम के समय बिजली आपूर्ति का सुनिश्चित करने की बात कही।

बिजली उत्पादन प्रभावित, आपूर्ति पर दबाव

प्रमुख सचिव ऊर्जा मनीष सिंह ने बताया कि 10 अक्टूबर को प्रदेश में 15,959 मेगावाट बिजली की आपूर्ति हुई, जबकि पिछले वर्ष इसी दिन 11,342 मेगावाट आपूर्ति हुई थी। इस वर्ष आपूर्ति 40.70 प्रतिशत अधिक रही। इसके बावजूद बढ़ी मांग और उत्पादन में बाधाओं से दबाव बना हुआ है।

बिरसिंहपुर बिजलीघर में पाइप फटने से 600 मेगावाट उत्पादन प्रभावित हुआ। सरदार सरोवर से मिलने वाली 800 मेगावाट बिजली के मुकाबले प्रदेश को केवल 300 मेगावाट मिल रही थी। मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल की गुजरात के मुख्य सचिव से चर्चा के बाद बुधवार देर रात आपूर्ति फिर शुरू हुई।

अतिरिक्त बिजली जुटाने की तैयारी

अधिकारियों ने बताया कि मणिखेड़ा और गांधीसागर जलाशयों से 101 मेगावाट तथा सिंगाजी बिजलीघर से 600 मेगावाट बिजली उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है।

त्योहारों के दौरान पीक आवर के चार घंटों के लिए उत्तर प्रदेश से 500 मेगावाट बिजली भी ली जा रही है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि बंद उत्पादन इकाइयों को चालू करने के प्रयास जारी हैं।

आंकड़े अपनी जगह हैं पर कटौती तो दिन में भी हो रही है

सूत्रों के अनुसार, बैठक में चर्चा के दौरान मंत्रियों ने कहा कि बिजली कटौती के कारण लोगों को जवाब देना मुश्किल हो गया है। राजस्व मंत्री ने कहा कि आंकड़े अपनी जगह हैं। यदि तीन फेस बिजली नहीं दे सकते तो कम से कम एक फेस तो 24 घंटे दे दें।

उन्होंने सीहोर जिले के इछावर क्षेत्र के ग्राम सेमली जदीद में आयोजित एक सरकारी जनकल्याण शिविर के दौरान पहले के समय में बिजली की समस्या की बात कही तो ग्रामीणों ने खड़े होकर कहा कि 24 घंटे से बिजली नहीं है। जब तक खेत पहुंचते हैं, बिजली कट जाती है। सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि दिन में भी कटौती हो रही है।

मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने बताया कि अब स्थिति में सुधार आ रहा है। हम व्यवस्था बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।