भोपाल के न्यू मार्केट में मॉकड्रिल के दौरान दमकल का पहिया एक महिला ग्राहक के ऊपर चढ़ गया। इससे महिला जख्मी हो गई। तुरंत उसे अस्पताल ले जाया गया। इधर, हादसे के बाद करीब 200 हॉकर्स और व्यापारी गुस्सा उठे। उन्होंने निगम की गाड़ियां घेर ली और कार्रवाई का विरोध जताने लगे।
हादसा शुक्रवार शाम 6.15 बजे हुआ। खेड़ापति हनुमान मंदिर के पास जब मॉकड्रिल की जा रही थी, तभी ग्राहक के पैर पर पहिया चढ़ गया। इसके बाद निगम महिला को अपनी जीप से अस्पताल ले गया। अतिक्रमण प्रभारी शैलेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि महिला ठीक है और परिजन के साथ घर चली गईं। मॉकड्रिल के दौरान हल्की चोंट आई है।
व्यापारियों ने विरोध दर्ज कराया
मॉकड्रिल के दौरान गाड़ियों का काफिला गुजरने और ग्राहक के जख्मी होने पर व्यापारियों में नाराजगी देखने को मिली। न्यू मार्केट व्यापारी संघ के अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता ने कहा कि मॉकड्रिल के चलते पिछले तीन दिन से परेशान हैं। व्यापार नहीं कर पा रहे।
200 लोगों ने निगम अमले को घेरा
हादसे के बाद करीब 200 हॉकर्स और व्यापारियों ने निगम अमले को घेर लिया और कार्रवाई के विरोध में नारेबाजी की। अतिक्रमण प्रभारी भदौरिया ने बताया, हॉकर्स नहीं चाहते कि उन्हें मार्केट से बाहर शिफ्ट किया जाए। पूर्व में कई बार विवाद कर चुके हैं, जबकि 8 अक्टूबर को न्यू मार्केट में भीषण आग लग चुकी है और व्यापारियों का खासा नुकसान हो चुका है।
इसलिए हॉकर्स को टीटी नगर स्टेडियम के पास शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया है। महिला को पैर में मोच जरूर आई है।
8 अक्टूबर को लगी थी भीषण आग
चौक बाजार में 22 लाख का सिस्टम, पर हादसे के वक्त काम नहीं करता
जानकारी के अनुसार चौक बाजार और इब्राहिमपुरा की 10 से 12 फीट चौड़ी गलियों में आग बुझाने के लिए निगम ने 22 लाख रुपए का अंडरग्राउंड फायर हाइड्रेंट सिस्टम लगाया था। जुलाई 2026 में नेमा डिजाइनर स्टूडियो में आग लगने के दौरान यह सिस्टम काम नहीं आया। इसकी प्रेशर टेस्टिंग और मेंटेनेंस नहीं होने की बातें सामने आई हैं।
शहर के जुमेराती, इब्राहिमपुरा, नदीम रोड, घोड़ा नक्कास समेत 8 प्रमुख बाजारों में भी यही स्थिति है। आग लगने या हादसे के बाद सुरक्षा इंतजाम होते हैं, लेकिन नियमित जांच नहीं होती।
बैरागढ़ में दिखावे का सिस्टम
17 दिसंबर 2017 को संत हिरदाराम शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में 100 से ज्यादा कपड़ा दुकानें जलकर खाक हो गई थीं। इसके बाद होज-रील पाइप, ऑटोमैटिक स्प्रिंकलर और फायर वाटर पंप लगाने के निर्देश मिले। सिस्टम लगा, लेकिन देखरेख नहीं हुई। उपकरण जंग खा रहे हैं। मेन कॉरिडोर तक कब्जे हैं। यहां कभी मॉकड्रिल तक नहीं हुई।