जबरन वसूली का नेटवर्क
इंटेलिजेंस असेसमेंट में बिश्नोई गैंग के विस्तार को ब्रिटिश कोलंबिया, अल्बर्टा और ओंटारियो में कारोबारियों को निशाना बनाकर की गई कथित जबरन वसूली की घटनाओं से जोड़ा गया है। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, गैंग की कनाडा में मौजूदगी बढ़ने के साथ ही उसके आपराधिक नेटवर्क का प्रभाव भी बढ़ा है। रिपोर्ट में गोल्डी बराड़ का भी उल्लेख किया गया है। उसे लॉरेंस बिश्नोई का करीबी सहयोगी बताया गया है। आकलन के अनुसार, बराड़ 2017 में स्टूडेंट वीजा पर कनाडा पहुंचा था और बाद में उसने वहां गैंग के नेटवर्क को स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई।
सीबीएसए ने दी चेतावनी
CBSA ने यह भी चेतावनी दी है कि अस्थायी इमिग्रेशन परमिट धारकों पर निर्भर आपराधिक नेटवर्क कानून लागू करने वाली एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बन सकते हैं। ऐसे मामलों में इमिग्रेशन स्क्रीनिंग, बॉर्डर कंट्रोल और आपराधिक गतिविधियों के बीच संबंधों की पहचान करना मुश्किल हो सकता है। बता दें कि यह खुलासा ऐसे समय हुआ है जब कनाडा ने सितंबर 2025 में लॉरेंस बिश्नोई गैंग को आतंकवादी संगठन घोषित किया था। इसके बाद कनाडाई एजेंसियों ने गैंग की गतिविधियों और उसके कथित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर निगरानी बढ़ा दी है।

