संयुक्त राष्ट्र: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने परमाणु बम को नापाक बताते हुए उसको बनाने की किसी भी महत्वाकांक्षा को पूरी तरह से खारिज किया है। ईरानी राष्ट्रपति ने अमेरिकी टीवी चैनल फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा कि उनका देश अंतरराष्ट्रीय जांचकर्ताओं को परमाणु कार्यक्रम की जांच करने की अनुमति देने को तैयार है। इसमें संवर्द्धित यूरेनियम को हल्का करने के लिए कदम उठाना भी शामिल है। संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि तेहरान पहले भी अंतरराष्ट्रीय जांच के लिए तैयार था।राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने परमाणु बम पर कहा, 'बिल्कुल नहीं, बिल्कुल नहीं। हमारे शहीद और सम्मानित सुप्रीम लीडर ने धार्मिक आदेश जारी करके कई बार यह घोषणा की थी कि यह नापाक है। यह गैर कानूनी है।' वहीं एक अन्य बयान में पेजेश्कियान ने कहा कि ईरान आतंकवादी नहीं है, बल्कि हम आतंकवाद और आक्रामकता का शिकार हैं। अपनी रक्षा-क्षमता को बढ़ाना ही आजादी बनाए रखने और हमलावरों की आक्रामकता को रोकने का एकमात्र तरीका है। तेहरान बातचीत को तैयार है, लेकिन धमकियों की भाषा स्वीकार नहीं। यह बात ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 81वें सत्र को संबोधित करते हुए कही।'ईरान आतंकवादी नहीं, हम इसके शिकार'
पेजेश्कियन ने 'एक्स' पोस्ट में लिखा, 'हम आतंकवादी नहीं हैं, बल्कि हम आतंकवाद के शिकार हैं। हमारे नेता की बिना किसी वजह या जायज आधार के हत्या कर दी गई। जो हमले किए गए, उनमें स्कूलों, खेल के मैदानों और केंद्रों, अस्पतालों, यूनिवर्सिटियों, पुलों और देश के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया। लामर्ड का स्पोर्ट्स हॉल ऐसी जगह थी, जहां बच्चे और युवा इकट्ठा होते थे और अलग-अलग गतिविधियों में हिस्सा लेते थे। उस हमले में बेगुनाह लोगों को निशाना बनाया गया। ये हमले अमेरिकी और इजरायली हथियारों का इस्तेमाल करके किए गए। जो लोग खुद आतंकवादी हैं और आतंकवादियों को ट्रेनिंग देते हैं, वही हमें आतंकवादी बताते हैं, जबकि हम सिर्फ अपना बचाव कर रहे हैं।'ईरान की मेहर समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, पेजेश्कियन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में इस्लामी क्रांति के शहीद नेता आयतुल्ला सैयद अली खामेनेई और दक्षिणी ईरान के मीनाब के उन स्कूली बच्चों की तस्वीरें दिखाईं, जो अमेरिका-इजरायल के आक्रमण में शहीद हो गए थे। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने लामर्द में क्लस्टर बमों से ईरानी बच्चों पर बमबारी की। इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (आईआरएनए) के अनुसार, राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा कि इस्लामिक गणराज्य पर युद्ध थोपा गया है। उन्होंने घोषणा की कि ईरान कभी अपना बचाव करना बंद नहीं करेगा, न ही वह शांति प्राप्त करने के लिए बातचीत से पीछे हटेगा।
अमेरिका पर बरसे ईरानी राष्ट्रपति
ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान ने 200 वर्षों से किसी भी देश पर हमला या आक्रमण नहीं किया है, बल्कि दृढ़ता से अपनी रक्षा करता है। ईरान परमाणु प्रौद्योगिकी के शांतिपूर्ण उपयोग के अपने अधिकार का त्याग नहीं करेगा। पेजेश्कियन ने कहा कि अमेरिका और उसके समर्थक ईरान के जलमार्गों को बंद करना चाहते हैं। उनका उपयोग वे अपने नापाक उद्देश्यों के लिए आपूर्ति लाइनों के रूप में करना चाहते हैं।
उन्होंने कहा, "प्रतिरोध को बमों या आक्रामकता से नहीं हराया जा सकता। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से संयुक्त राष्ट्र महासभा में दिए गए संबोधन में इस्तेमाल की गई बल प्रयोग की भाषा से स्पष्ट है कि अमेरिकी राष्ट्रपति अभी धमकियों पर अड़े हुए हैं। पेजेश्कियन ने कहा कि तेहरान बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन वह धमकियों की भाषा स्वीकार नहीं करेगा।