डॉलर की बिक्री से बंपर मुनाफा
बैंकरों के अनुमान के मुताबिक, आरबीआई ने डॉलर की इस बिक्री से कम से कम 10% का मुनाफा कमाया है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि ये डॉलर तब खरीदे गए थे जब रुपये की स्थिति काफी मजबूत थी।- इस विदेशी मुद्रा हस्तक्षेप के चलते वित्त वर्ष 2025-26 में आरबीआई की कुल आय में करीब 50,000 करोड़ रुपये का योगदान सिर्फ डॉलर बेचने से आया है।
- विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) से डॉलर की इस भारी बिकवाली के असर को सोने की कीमतों में हुई बढ़ोतरी ने काफी हद तक संभाल लिया।
आखिरी महीनों में दिखी आक्रामक रणनीति
वित्त वर्ष 2025-26 के आखिरी महीनों में आरबीआई का रुख काफी आक्रामक और रणनीतिक रहा। इस दौरान केंद्रीय बैंक ने कई फैसले लिए। इनमें कुछ इस प्रकार हैं:- आरबीआई ने मार्च 2026 में बाजार में भारी मात्रा में डॉलर बेचे और 9.8 अरब डॉलर की शुद्ध बिक्री दर्ज की।
- फरवरी 2026 मार्च के बिल्कुल उलट था। इस दौरान केंद्रीय बैंक ने डॉलर को बाजार से सोखते हुए *7.4 अरब डॉलर की शुद्ध खरीद की थी।

