दिवाली से पहले मध्य प्रदेश के कई शहरों में सफाई व्यवस्था बिगड़ गई है। सफाई कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण भोपाल में लगातार दूसरे दिन कचरा नहीं उठा। सड़कों, बाजारों और गली-मोहल्लों में कचरे के ढेर लग गए हैं। कई जगह डस्टबिन भरने के बाद कचरा सड़क पर फैल रहा है।

अब कर्मचारियों ने शुक्रवार से पानी की सप्लाई बंद करने की चेतावनी दी है। इससे राजधानी में पेयजल संकट का खतरा बढ़ सकता है। भोपाल में 2.30 लाख से ज्यादा नल कनेक्शन हैं।

वहीं, सफाई कर्मचारियों के बाद अब दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल हो गए हैं। इसके चलते भोपाल नगर निगम मुख्यालय स्थित अटल भवन में कामकाज ठप हो गया है। गुरुवार को कर्मचारी नेता अशोक वर्मा ने नगर निगम मुख्यालय की बिजली सप्लाई बंद कर दी और वहां ताला लगा दिया।

अशोक वर्मा ने चेतावनी दी कि जब तक कर्मचारियों की मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक पूरे शहर की दीपावली अंधेरे में रहेगी। कर्मचारी नेताओं ने शुक्रवार को नगर निगम में पूरी तरह तालाबंदी करने की भी चेतावनी दी है।

भोपाल के अलावा शिवपुरी में भी सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई है। यहां नगर पालिका के करीब 350 कर्मचारी हड़ताल पर हैं। सड़कों और बाजारों में कचरा जमा होने लगा है। प्रदेशभर के एक लाख से ज्यादा कर्मचारी नियमित करने, वेतन बढ़ाने और ठेका प्रथा खत्म करने की मांग को लेकर हड़ताल कर रहे हैं।


85 वार्डों में सफाई प्रभावित, 400 से ज्यादा गाड़ियां खड़ीं

भोपाल में करीब 11 हजार दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी हड़ताल पर हैं। इनमें सफाई कर्मियों के अलावा कम्प्यूटर ऑपरेटर, बाबू, जलप्रदाय, फायर, बिल्डिंग परमिशन, अतिक्रमण, विद्युत, यांत्रिकी, उद्यान और योजना प्रकोष्ठ के कर्मचारी शामिल हैं। सभी 85 वार्डों और 21 जोन का काम प्रभावित है।

शहर में घरों से कचरा उठाने के लिए 400 से ज्यादा गाड़ियां लगाई गई हैं। हड़ताल के कारण ये गाड़ियां गार्बेज स्टेशनों पर खड़ी हैं। सामान्य दिनों में हर गाड़ी रोज दो से तीन चक्कर लगाती है। शहर के 17 गार्बेज स्टेशनों पर कचरा जमा होता है। यहां से कैप्सूल टैंकरों के जरिए इसे आदमपुर छावनी भेजा जाता है। भोपाल से रोज करीब 850 टन कचरा निकलता है।


लिंक रोड से एमपी नगर तक कचरे के ढेर

हड़ताल का असर शहर के कई प्रमुख इलाकों में दिख रहा है। लिंक रोड नंबर-1 पर पेट्रोल पंप के सामने डस्टबिन का कचरा सड़क पर फैल गया है। 5 नंबर स्टॉप और 7 नंबर स्थित एमपी नगर एसडीएम ऑफिस के सामने भी कचरे के ढेर लगे हैं।

शिवाजी नगर और तुलसी नगर में भी सफाई नहीं हुई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, दो दिन से कचरा कलेक्शन गाड़ियां नहीं पहुंची हैं।कचरा जमा होने से कुछ लोग और व्यापारी उसे जला रहे हैं। चूना भट्‌टी में कचरे के ढेर में आग लगा दी गई। शहर के कुछ बाजारों में भी कचरा जलाया जा रहा है।

अफसरों से बातचीत बेनतीजा, व्यापारी खुद करा रहे सफाई

हड़ताल खत्म कराने के लिए यूनियन पदाधिकारियों ने नगरीय प्रशासन विभाग के एसीएस संजय दुबे से मुलाकात की, लेकिन बातचीत में कोई समाधान नहीं निकला। इसके बाद कर्मचारियों ने आंदोलन जारी रखने का फैसला किया।

बुधवार को न्यू मार्केट समेत कई बाजारों में व्यापारियों ने वॉलंटियर्स की मदद से सफाई कराई। व्यापारियों ने कर्मचारियों की मांगों का समर्थन करते हुए सरकार से समाधान निकालने की अपील की है।

इससे पहले मंगलवार को कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देने के लिए प्रदर्शन किया था। कर्मचारियों का कहना है कि कोई जिम्मेदार अधिकारी ज्ञापन लेने नहीं पहुंचा।

इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने की योजना बनाई। पुलिस ने जहांगीराबाद चौराहे पर बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। विरोध में कर्मचारी करीब दो घंटे तक सड़क पर बैठे रहे।

खिलचीपुर में टेलर ने संभाली सफाई

सफाई व्यवस्था प्रभावित होने के बीच विदिशा जिले के सिरोंज में विधायक उमाकांत शर्मा बुधवार रात खुद सड़क पर उतर आए। उन्होंने करीब दो घंटे तक झाड़ू लगाकर सफाई की।


वहीं, राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में कपड़े सिलने की दुकान चलाने वाले दिनेश कुमार नामदेव उर्फ पप्पू ने गुरुवार सुबह दुकान छोड़कर बाजार की सफाई की। वे झाड़ू और हाथ ठेला लेकर सुभाष चौक से सर्राफा बाजार तक पहुंचे।

करीब डेढ़ घंटे तक कचरा समेटकर उसे नगर से बाहर पहुंचाया। दिनेश ने कहा कि दिवाली पर बाजार में बाहर से भी लोग आते हैं। वे गंदगी देखकर क्या सोचेंगे? उनकी पहल देखकर कुछ लोग मदद के लिए भी आगे आए।


वेतन 25 हजार करने, सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग

कर्मचारी वेतन बढ़ाने, सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने, न्यूनतम वेतन 25 हजार रुपए तय करने और पति या पत्नी की मृत्यु होने पर अनुकंपा नियुक्ति देने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि समाधान नहीं निकला तो शुक्रवार से भोपाल में पानी की सप्लाई भी बंद कर दी जाएगी।