अलवर के अग्निवीर समुद्र गुर्जर (24) की श्रद्धांजलि यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए। समुद्र 14 अगस्त 2026 को अरुणाचल प्रदेश की दिबांग वैली में हुए भूस्खलन में लापता हो गए थे। उनकी मई 2026 में ही शादी हुई थी।

लापता होने के करीब 80 दिन बाद सेना ने 3 नवंबर 2026 को उनके परिवार को अरुणाचल प्रदेश बुलाया और समुद्र के पहचान की जानकारी दी। परिवार ने वहीं उनका अंतिम संस्कार भी कर दिया।

गुरुवार (5 नवंबर) को अलवर शहर से 6 किलोमीटर दूर उनके पैतृक गांव केसरपुर तक सैन्य सम्मान के साथ श्रद्धांजलि यात्रा (अस्थियों के साथ) निकाली गई।

जब सैन्य अधिकारियों ने उनकी अस्थियां और तिरंगा परिवार को सौंपे तो उनकी मां रोते-रोते बेसुध हो गईं। उनकी पत्नी को भी परिवार ने बड़ी मुश्किल से संभाला।

सेना ने गार्ड ऑफ ऑनर के साथ दी अंतिम विदाई

अलवर के अग्निवीर समुद्र गुर्जर की अस्थियां उनके पैतृक गांव केसरपुर पहुंची। सेना ने गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अग्निवीर को अंतिम विदाई दी। इस दौरान परिजनों के साथ पूरे गांव ने नम आंखों से उन्हें विदा किया।

मेजर रायगोंड चटरक्की ने बताया कि अग्निवीर समुद्र सिंह गुर्जर जिस इलाके में ड्यूटी पर तैनात थे, वह बेहद दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्र है। वहां जवानों को दिन-रात खराब मौसम और प्राकृतिक आपदाओं की चुनौतियों के बीच देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभानी पड़ती है। इस इलाके में बादल फटने और भूस्खलन का खतरा बना रहता है। समुद्र सिंह ऐसे कठिन हालात में भी अपनी ड्यूटी पर डटे रहे। बादल फटने की घटना में कई जवान लापता हुए थे, जिनमें समुद्र सिंह भी शामिल थे। सेना उन्हें सम्मान के साथ गांव लेकर पहुंची।


सेना के जवानों ने तिरंगा और अस्थियां पिता को सौंपे

सेना के जवानों ने अग्निवीर जवान समुद्र के पिता को तिरंगा और अस्थियां सौंपे। इस दौरान जवान के पिता भावुक हो गए।

आर्मी ने दी सलामी

आर्मी ने अग्निवीर जवान समुद्र गुर्जर को दी सलामी।

पत्नी ने दी अंतिम विदाई, लापता होने से 3 महीने पहले हुई थी शादी

समुद्र गुर्जर की पत्नी भी रोते-बिलखते हुए अंतिम विदाई देने पहुंची। समुद्र की शादी उनके लापता होने के करीब 3 महीने पहले मई 2026 में हुई थी।

मां ने बेटे को नम आंखों से विदाई दी

अग्निवीर समुद्र की मां ने भी बेटे को नम आंखों से विदाई दी। बेटे की अस्थियों पर बिलख-बिलख कर रो पड़ी।

परिजनों को अंतिम विदाई के लिए ले जा रहे सेना के जवान

राजकीय सम्मान के साथ सेना के जवान परिजनों को अंतिम विदाई के लिए ले जाते हुए।

पिता बदली गुर्जर ने अंतिम विदाई दी

अग्निवीर को सबसे पहले पिता बदली गुर्जर ने अंतिम विदाई दी। इस दौरान वे बिलख-बिलख कर रोने लगे। राजकीय सम्मान के साथ जवान का उनके पैतृक गांव में अंतिम संस्कार किया जा रहा है।

अग्निवीर के घर हजारों की संख्या में लोग, वंदे मातरम के लगाए नारे

अग्निवीर जवान समुद्र गुर्जर के घर हजारों की संख्या में लोग मौजूद हैं। सबकी आंखे नम हैं। जवान को अंतिम विदाई देने के लिए आस-पास के गांवों से भी लोग उमड़े हैं। अस्थियां घर पहुंचते ही मौजूद लोगों ने वंदे मातरम और जय के नारे लगाए।

गांव पहुंचते ही बहनें भावुक हो उठीं

अस्थियां गांव में पहुंचते ही समुद्र गुर्जर की बहनें भावुक हो उठीं। गांव में हजारों की संख्या में लोग मौजूद हैं।

केसरपुर गांव के स्टैंड पर पहुंची अस्थियां

अग्निवीर समुद्र गुर्जर की अस्थियां केसरपुर गांव के स्टैंड पर पहुंच गई हैं। यहां भारी संख्या में भीड़ मौजूद है और जेसीबी से चढ़कर समुद्र गुर्जर का सम्मान पुष्प वर्षा करके किया जा रहा है।

फूलों से सम्मान के लिए जेसीबी तैनात

केसरपुर गांव के मेन स्टैंड पर भारी संख्या में लोगों की भीड़ मौजूद है कई जेसीबी यहां फूलों से समुद्र गुर्जर के सम्मान में स्वागत करने के लिए खड़ी हैं।

वह गांव का होनहार बच्चा था'

पूर्व सरपंच भविंदर पटेल ने कहा कि आज सेना के राजकीय सम्मान के साथ समुद्र की अस्थियां गांव में लाई जा रही हैं। वह गांव का होनहार बच्चा था और परिवार का इकलौता बेटा था।

देशभक्ति के नारों के साथ युवा पैदल रैली में शामिल

अलवर के ईटाराणा आर्मी कैंप से अस्थियां उनके पैतृक गांव केसरपुर पैदल रैली के रूप में ले जाई जा रही हैं। देशभक्ति के नारों के साथ युवा रैली में नारे लगाते हुए चल रहे हैं।

अस्थियां अलवर पहुंच गई हैं

अग्निवीर समुद्र गुर्जर की अस्थियां अलवर पहुंच गई हैं। इस रैली में आसपास के गांवों के लोग मौजूद हैं। युवा देशभक्ति के गानों के साथ वंदेमातरम के नारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे हैं।

रक्षा बंधन पर आना था घर

समुद्र के पिता बदली गुर्जर किसान हैं। उनकी दो बहनें हैं। वह रक्षाबंधन से पहले छुट्टी लेकर घर आने की तैयारी में थे, लेकिन इससे पहले ही अरुणाचल में बादल फटने और बाढ़ के बाद हुए लैंड स्लाइड में वह लापता हो गए थे। इस हादसे में सेना के 7 जवान लापता हुए थे, जिनमें दो जवानों को रेस्क्यू कर लिया गया था।

अंतिम विदाई देने पहुंच रहे लोग

समुद्र के लापता होने की सूचना के बाद से ही परिवार को उनके लौटने की उम्मीद थी। अब उनकी अस्थियां गांव पहुंचने पर परिवार में शोक की लहर है।

माता-पिता और दोनों बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में शोक का माहौल है। लोग नम आंखों से अग्निवीर को अंतिम विदाई देने के लिए पहुंच रहे हैं।