भोपाल नगर निगम परिषद की बैठक शनिवार को आईएसबीटी स्थित मीटिंग हॉल में हंगामे के बीच हुई। बैठक में न्यू मार्केट मल्टीलेवल पार्किंग के चौथे फ्लोर स्थित हॉल को किराए पर देने के प्रस्ताव पर विवाद हुआ। नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने कहा, ‘मैं कमीशन नहीं लेती।’
इस पर भाजपा पार्षदों ने आपत्ति जताते हुए अध्यक्ष की आसंदी घेर ली। अध्यक्ष ने जकी से माफी मांगने और उनके शब्दों को कार्यवाही से विलोपित करने की बात कही। जिस पर जकी ने माफी मांगने से इनकार कर दिया। हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित भी हुई।
सोन चिरैया का प्रस्ताव वापस
गर्ल्स कॉलेज के पास सोन चिरैया हॉकर्स कॉर्नर को किराए पर देने के प्रस्ताव पर अगस्त में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर आपत्ति आई थी। नए प्रस्ताव के तहत एजेंसी को परिसर और आसपास 24 घंटे सीसीटीवी चालू रखने और सुरक्षा गार्ड तैनात करने होंगे। इसके अलावा, 3 साल के किराए और अगले 3 साल के नवीनीकरण का प्रावधान था।
हालांकि, एमआईसी मेंबर जगदीश यादव ने कुछ संशोधन करने की बात कहते हुए प्रस्ताव वापस ले लिया। इसके बाद अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने बैठक अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी। इसके साथ ही बैठक समाप्त हो गई।
वहीं, एमआईसी मेंबर रविंद्र यती ने प्रस्ताव का समर्थन किया और कई वार्डों से टैक्स नहीं मिलने का मुद्दा उठाया। अंत में बहुमत के आधार पर प्रस्ताव पारित कर दिया गया।
शहर के तालाबों की कोई सुध नहीं ले रहा
पार्षद अजीजउद्दीन ने कहा कि पुराने शहर के तालाबों की भी सुध नहीं ली जा रही। उन्होंने योजना दूसरे विभाग को सौंपने का सुझाव दिया। पार्षद योगेंद्र सिंह गुड्डू चौहान और अशोक मारण ने भी आपत्ति जताते हुए ठेका कंपनी अंकिता कंस्ट्रक्शन की फाइल की जांच कराने की मांग की। पार्षद देवांशु कंसाना ने भी सवाल उठाए।
अमृत 2.0 पर कांग्रेस की आपत्ति
एजेंडे में अमृत 2.0 योजना के लिए 493.49 करोड़ रुपए के ऋण का प्रस्ताव भी शामिल था। एमआईसी मेंबर जितेंद्र शुक्ला ने योजना की खूबियां गिनाईं। भाजपा पार्षदों ने भी इसका समर्थन किया, लेकिन कांग्रेस पार्षदों ने बड़े तालाब में गंदगी मिलने और इसे रोकने में नाकामी पर सवाल उठाए।
अध्यक्ष ने दी हिदायत, कहा- ऐसी गलती दोबारा नहीं होनी चाहिए
किशन सूर्यवंशी ने कहा कि- मैं फिर कह रहा हूं कि नेता प्रतिपक्ष ने जिन शब्दों का इस्तेमाल किया है, वे बेहद आपत्तिजनक हैं। उसे कार्यवाही से विलोपित किया जाता है और दोबारा इस प्रकार के शब्द बिना तथ्यों के, बिना सबूत के आप किसी पर भी ऐसे आरोप लगाओगे, तो भविष्य में मुझे कठोर कार्यवाही भी करनी पड़ेगी। इस बात की मैं हिदायत भी देता हूं। इस प्रकार की कोई गलती दोबारा नहीं होनी चाहिए।
नेताप्रतिपक्ष के समर्थन में उतरे कांग्रेसी पार्षद
कांग्रेस पार्षदों ने भाजपा पर बात का बतंगड़ बनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि जकी ने यह बात अपने लिए कही थी।
नेता प्रतिपक्ष बोलीं- मैंने किसी पर आरोप नहीं लगाया
इस पर जकी ने कहा, ‘मैंने कहा था कि मैं कमीशन नहीं लेती। किसी पर आरोप नहीं लगाया। वन-टू-वन बता दीजिए। वीडियोग्राफी भी देख सकते हैं।’ उनके इस बयान पर भाजपा पार्षदों ने खड़े होकर विरोध जताया। जकी ने स्पष्ट कहा कि वह किसी से माफी नहीं मांगेंगी।
अध्यक्ष ने कहा- नेता प्रतिपक्ष को शब्द वापस लेने चाहिए
निगम अध्यक्ष सूर्यवंशी ने कहा कि जकी ने अशोभनीय शब्दों का इस्तेमाल किया है। उन्हें अपने शब्द वापस लेने चाहिए। बिना तथ्यों के ऐसे आरोप नहीं लगाने चाहिए।
एमआईसी मेंबर रविंद्र यती बोले- इस तरह के आरोप नहीं लगाने चाहिए
एमआईसी मेंबर रविंद्र यती ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को इस तरह के आरोप नहीं लगाने चाहिए। सदन में कांग्रेस के पार्षद भी मौजूद हैं। उन्होंने जकी से माफी मांगने की मांग करते हुए कहा कि उनके बयान से गलत संदेश जाता है।
स्थगन के बाद भोपाल नगर निगम परिषद की बैठक फिर शुरू हो गई है।
कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित
एमआईसी मेंबर रविंद्र यती, मनोज राठौर, सुषमा बावीसा, अशोक वाणी, आनंद अग्रवाल, जितेंद्र शुक्ला और जगदीश यादव ने इस बयान पर आपत्ति जताई। इसके बाद सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई।
अध्यक्ष बोले- बिना तथ्यों के आरोप नहीं लगाना चाहिए
अध्यक्ष सूर्यवंशी ने कहा कि बिना तथ्यों या सबूतों के इस तरह के आरोप नहीं लगाने चाहिए। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष से माफी मांगने को कहा। इस पर जकी ने कहा, “मैं डंके की चोट पर बोल रही हूं। मैंने किसी का नाम नहीं लिया। इन्हें क्यों बुरा लग रहा है? मैंने अपने लिए कहा है कि शबिस्ता कमीशन नहीं खाती।”
हंगामे के बीच प्रस्ताव पारित
बहस के दौरान कांग्रेस पार्षदों ने अध्यक्ष की आसंदी घेरकर नारेबाजी की। भाजपा पार्षदों ने इसे गलत बताया। हंगामे के बीच अध्यक्ष सूर्यवंशी ने बहुमत के आधार पर प्रस्ताव पारित कर दिया। विपक्ष ने इसका विरोध किया।
कांग्रेस ने प्रस्ताव पर आपत्ति जताई
कांग्रेस पार्षद योगेंद्र सिंह गुड्डू चौहान और अजीजउद्दीन ने प्रस्ताव पर आपत्ति जताई। नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने एजेंडे को स्पष्ट नहीं बताते हुए वापस लौटाने की मांग की। वहीं, भाजपा पार्षद देवेंद्र भार्गव ने प्रस्ताव को निगम की आय बढ़ाने वाला बताया। महापौर मालती राय ने स्पष्ट किया कि कैफेटेरिया किराए पर और नीचे का हिस्सा बैंक आदि को लीज पर देंगे।
निगम मुख्यालय की जगह किराए पर देने पर हंगामा
प्रश्नकाल के बाद एमआईसी मेंबर जगदीश यादव ने नए निगम मुख्यालय के सर्विस ब्लॉक और कैफेटेरिया को किराए पर देने का प्रस्ताव रखा। पहले सर्विस ब्लॉक दो साल के लिए देने का निर्णय था, जिसे अब 10 साल और फिर 10 साल के नवीनीकरण के प्रस्ताव के साथ लाया गया है। यानी अधिकतम 20 साल तक किराए पर दिया जा सकेगा।
दूषित पानी और जांच का मुद्दा उठा
आठवें सवाल में कांग्रेस पार्षद देवांशु कंसाना ने दूषित पानी और उसकी जांच का मुद्दा उठाया। एमआईसी मेंबर रविंद्र यती ने बताया कि चार सैंपल फेल हुए, जो निजी ट्यूबवेल के थे। गंदे पानी की 901 शिकायतों का निराकरण किया गया है। कंसाना ने अपने वार्ड में 4 इंच की जगह 6 से 8 इंच की पाइपलाइन बिछाने की मांग की।
कांग्रेस पार्षद के समर्थन में उतरे भाजपा पार्षद
इस मांग का भाजपा के वरिष्ठ पार्षद सुरेंद्र बाडिका और एमआईसी मेंबर मनोज राठौर ने भी समर्थन किया। इसके बाद निगम अध्यक्ष सूर्यवंशी ने कमिश्नर रामप्रकाश अहिरवार को शिक्षा उपकर की राशि सरकारी स्कूलों के विकास कार्यों में खर्च करने की व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए।
शिक्षा उपकर की राशि को लेकर कांग्रेस पार्षद ने पूछा सवाल
सातवां सवाल वार्ड-46 के कांग्रेस पार्षद योगेंद्र सिंह गुड्डू चौहान ने शिक्षा उपकर से हर साल मिलने वाली राशि और स्कूलों में विकास कार्यों पर हुए खर्च को लेकर पूछा। उन्होंने कहा कि जनता से उपकर वसूला जाता है, लेकिन अब तक केवल 12 लाख रुपए ही खर्च हुए हैं। पार्षद अपने वार्ड के सरकारी स्कूलों का जीर्णोद्धार कराना चाहते हैं, लेकिन राशि जारी नहीं की जा रही।
पार्षद बोले- महापौर की घोषणा के बाद भी विसर्जन घाट का काम शुरू नहीं
छठा सवाल वार्ड-5 के कांग्रेस पार्षद अशोक मारण ने विसर्जन घाट पर खर्च की गई राशि को लेकर पूछा। एमआईसी मेंबर अशोक वाणी ने लिखित जवाब देने की बात कही। मारण ने कहा कि महापौर ने नए विसर्जन घाट बनाने की घोषणा की थी, लेकिन अब तक काम शुरू नहीं हुआ। इससे संत नगर के लोग परेशान हैं।
सफाईकर्मियों की भर्ती की मांग उठाई
चौथा सवाल पार्षद नसीम गफूर ने स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को लेकर पूछा। एमआईसी मेंबर आरके सिंह बघेल ने कहा कि यह सवाल गलत विभाग से जुड़ा है और इसका जवाब सुषमा बवीसा देंगी। इस पर गफूर ने आपत्ति जताई। बाद में बवीसा ने जवाब देना शुरू किया। कांग्रेस के पार्षद मो. सरवर ने मांग की कि सभी 85 वार्डों में सफाईकर्मियों की कमी का आकलन कर जरूरत के मुताबिक भर्ती की जाए।
नगर निगम अध्यक्ष ने सभी बैनर-पोस्टर हटाने के निर्देश दिए
अध्यक्ष सूर्यवंशी ने निगम कमिश्नर रामप्रकाश अहिरवार को दिशा सूचक बोर्डों से सभी पोस्टर-बैनर हटाने के निर्देश दिए। वहीं, यादव ने सुलभ कॉम्प्लेक्स पर लगे अवैध होर्डिंग्स को भी तत्काल हटाने की मांग की।
पार्षद ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेशों का हवाला दिया
इस पर पार्षद ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए बोर्डों पर मंत्री, विधायक और महापौर के फोटो लगाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने पूछा कि दिशा बताने वाले बोर्डों पर नेताओं के विज्ञापन क्यों लगाए जा रहे हैं। साथ ही कहा-भाजपा हो या कांग्रेस, किसी भी नेता को बोर्डों पर विज्ञापन लगाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
पार्षद बोलीं- साइन बोर्ड पर मंत्री, विधायक और महापौर के फोटो क्यों?
तीसरा सवाल वार्ड-43 की कांग्रेस पार्षद नसीम गफूर ने प्रमुख मार्गों पर लगे दिशा सूचक बोर्डों और राजनीतिक दलों व कंपनियों से मिलने वाले शुल्क को लेकर पूछा।एमआईसी मेंबर जगदीश यादव ने बताया कि सभी 85 वार्डों में 95 दिशा सूचक बोर्ड लगे हैं। इनके आधे हिस्से में एजेंसी के माध्यम से विज्ञापन की अनुमति दी जाती है। इससे 2025-26 में 9.14 करोड़ और चालू वित्तीय वर्ष में 6.79 करोड़ रुपए की आय हुई है।
शुक्ला ने कहा- प्रावधानिक बजट 3938.45 करोड़ का है
दूसरा सवाल वर्ष 2026-27 के प्रावधानिक बजट में प्रस्तावित राशि से बनाई गई योजना के आय-व्यय से जुड़ा था। सवाल सुनने के बाद शुक्ला ने पूछा, ‘क्या यह प्रश्न सही है? प्रावधानिक बजट 108 करोड़ रुपए का नहीं, बल्कि 3938.45 करोड़ का है। 108 करोड़ का बजट होना संभव ही नहीं है। केवल हाउसिंग फॉर ऑल योजना का बजट ही 300 से 400 करोड़ रुपए के बीच है।’इसके बाद शुक्ला ने बजट से संबंधित जानकारी देना शुरू कर दी।
निगम अध्यक्ष ने नियुक्त 12 एल्डरमैन का परिचय कराया
निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने सरकार द्वारा नियुक्त 12 एल्डरमैन और नए निगम कमिश्नर रामप्रकाश अहिरवार का परिचय कराया। अहिरवार ने तीन दिन पहले ही पदभार संभाला है। बैठक में महापौर मालती राय भी मौजूद हैं।
छुट्टी के दिन सम्मेलन बुलाने पर नेता प्रतिपक्ष ने जताई आपत्ति
बैठक शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने छुट्टी के दिन परिषद का सम्मेलन बुलाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि निगम एक्ट के तहत छुट्टी वाले दिन सदन का संचालन नहीं किया जा सकता। इस पर अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने उन्हें समझाइश दी, जिसके बाद सदन की कार्यवाही आगे बढ़ी।