पाकिस्तानी मीडिया की बेशर्मी, फ्लाइट को क्रैश करने की कोशिश करने वाले पायलट को बताया बेचारा, दी शर्मनाक दलील
Updated on
02-10-2026 11:16 AM
इस्लामाबाद: क्या 180 बेगुनाह लोगों की जान लेने की खौफनाक साजिश को किसी भी तर्क से सही ठहराया जा सकता है? दुनिया के लिए इसका जवाब बेशक नहीं है लेकिन पाकिस्तानी मीडिया के लिए शायद ऐसा नहीं है। पाकिस्तान समेत दुनिया में कई लोग ऐसे हैं जो फ्लाईदुबई फ्लाइट (Flydubai) क्रैश कराने की कोशिश को जायज ठहरा रहे हैं। उसका बचाव कर रहे हैं और इमोशनल कार्ड खेल रहे हैं।पाकिस्तान के सबसे बड़े मीडिया नेटवर्क जियो न्यूज पर फ्लाईदुबई को क्रैश कराने की कोशिश को लेकर बहस चल रही थी। इस दौरान शो की होस्ट हुमा अमीर शाह और पूर्व पाकिस्तानी राजदूत डॉ. जमील खान पूरी बेशर्मी के साथ आतंकवाद की इस घटना का बचाव कर रहे थे। इस दौरान शो की एंकर हुमा अमीर शाह कहती है कि 'फ्लाईदुबई फ्लाइट क्रैश नहीं हो पाया लेकिन इस घटना से पता चलता है कि लोगों के अंदर कितना गुस्सा है। लोग अब अपनी हाथों में चीजों को लेने की कोशिश कर रहे हैं। ये जो फीलिंग्स हैं (गाजा को लेकर) ये तो दशकों की फीलिंग्स हैं।'पाकिस्तानी टीवी पर आतंकी को बताया गया 'पीड़ित'
इसपर पूर्व पाकिस्तानी राजदूत डॉ. जमील खान कहते हैं 'देखिए जनता की भावनाओं को कब तक चेक एंड बैलेंस करेंगे। को-पायलट जिसका इतना ज्यादा सुरक्षा जांच होती है उसने ये फैसला कर लिया कि उसे सुसाइडल मिशन पर जाना है, प्लेन को क्रैश कर दूं, वो प्लेन को क्रैश करके खुद भी मरना चाहता था। तो ये फीलिंग्स कहां से आई?'
पाकिस्तानी राजदूत ने आगे कहा 'देखिए 4-5 देशों में मेरी पोस्टिंग रही है तो जो मैं जो उनकी भावनाओं को समझता हूं कि शासकों को भावना अलग होती है और जनता की भावना अलग होती है। यही वजह है कि अरब स्प्रिंग के दौरान भी शासकों ने बहुत मुश्किल से सभी एक साथ मिलकर उनको कुचला था। लेकिन आम जनता के मन में लावा पकता रहता है। आने वाले दिनों और महीनों में मुश्किल ये है कि ये लावा और पकेगा और आने वाले वक्त में अमेरिकी हितों पर, या जिस तरह से नेतन्याहू इस क्षेत्र में बैठकें करते हैं या ऐसे शासकों के खिलाफ लोग सड़कों पर निकल सकते हैं। अरब स्प्रिंग में तो इन्हें काबू कर लिया गया था लेकिन अब इन्हें काबू करना मुश्किल होगा।'