
भोपाल। शहर में पेट्रोल पंप संचालक आपूर्ति में लापरवाही बरत रहे हैं, जिसकी शिकायतें नापतौल विभाग को मिल रही थी। उसके बाद टीम ने भारत पैट्रोलियम कार्पोरेशन द्वारा संचालित प्रगति पेट्रोल पंप पर जांच की, जिसमें कम पेट्रोल देने का मामला दर्ज किया है।
जानकारी के अनुसार शिकयत मिलने पर नापतौल विभाग के उप नियंत्रक नसीम खान, निरीक्षक गोविंद रायकवार और अर्पित जैन प्रगति पेट्रोल पंप पर पहुंचे। जांच की, तो पता चला कि यहां पर पांच लीटर पर 25 से 30 एमएल तक कम पेट्रोल दिया जा रहा था। नापतौल नियमों के अनुसार 25 एमएल से ज्यादा कम दिए जाने पर नियमों में प्रकरण बनाने का प्रविधान है।
सोमवार दोपहर 3 बजे नापतौल विभाग का अमला प्रगति पैट्रोल पंप पर जांच करने पहुंचा, जहां पर छह मशीनें लगी हुई हैं, जिसमें पांच मशीनों में चार-चार नोजल थे। एक मशीन में छह नोजल लगे हुए थे। इस पर नापतौल विभाग की टीम ने 5 लीटर के सत्यापित माप से जांच करने पर यह पाया कि पंप द्वारा संचालित 26 नोजलों में से तीन नोजल द्वारा 30 एम एल पेट्रोल कम दिया जा रहा था। इससे टीम ने प्रकरण दर्ज किया है।
केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल, डीजल आदि बचाने की अपील के बाद शहर के पंपों पर चार पहिया वाहनों की आवाजाही लगी रही। हर दिन की अपेक्षा सोमवार को वाहन चालक पेट्रोल डीजन भरवाने पहुंचे। कटारा हिल्स इलाके में स्थित एक पेट्रोल पंप पर सोमवार सुबह वाहनों की कतार लगी हुई थी।