फिलीपींस में 130 साल बाद खिले 'खोए हुए' एक्सकम लोहेरी फूल, सूरज से पोषण नहीं लेता ये अनोखा पौधा

Updated on 16-09-2026 01:30 PM
मनीला: फिलीपींस में एक फूल 100 साल से ज्यादा समय बाद वापस आया है। मसुंगी जियोरिजर्व ने बताया है कि इतिहास में खो गई मानी जाने वाली फूलों की ये प्रजाति रिजल में फिर से खिल रही है। रिजल के संरक्षण क्षेत्र ने पिछले रविवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर जानकारी दी है कि उन्हें अपने एक रास्ते पर एक्सकम लोहेरी (Exacum loheri) के कई पौधे खिले हुए मिले, जो सिर्फ फिलीपींस के कुछ इलाको में पाए जाने वाला फूल है। माना जा रहा है कि मसुंगी में करीब 130 सालों बाद ये 'खोए हुए' फूल खिले हैं।

एक्सकम लोहेरी एक अक्लोरोफिलस (क्लोरोफिल रहित) और माइकोहेटरोट्रॉफिक पौधा है। यानी इसमें क्लोरोफिल नहीं बल्कि माइकोहेटरोट्रॉफिक है। ऐसे में यह पोषक तत्वों के लिए प्रकाश संश्लेषण के बजाय मिट्टी में मौजूद कवक पर निर्भर होता है। इसे सबसे पहले 1895 में स्विस वनस्पतिशास्त्री ऑगस्ट लोहेर ने फिलीपींस के रिजल प्रांत में खोजा था।

अचानक खो गया था पौधा

ऐसा मान लिया गया था कि यह पौधा समय के साथ खो गया। यह केवल एक सदी पुराने ऐतिहासिक संग्रहों में ही मौजूद था, जब तक कि पिछले साल मसुंगी के चूना पत्थर के जंगलों में घोंघे के सर्वेक्षण अध्ययन के दौरान इसे फिर से नहीं खोजा गया। शोधकर्ताओं ने नीले-बैंगनी रंग के छोटे फूल की तस्वीरें लीं, जिससे यह 130 से अधिक वर्षों में एक्सकम लोहेरी का पहला प्रमाणित रिकॉर्ड बन गया।

शोधकर्ताओं ने उस समय कहा था कि इसके सीमित फैलाव को देखते हुए यह माना जाता है कि यह प्रजाति बहुत दुर्लभ है और शायद अभी खतरे में है। इस अहम खोज के एक साल बाद अब मसुंगी के डिस्कवरी ट्रेल के किनारे और भी एक्सकम लोहेरी के पौधे मिले हैं। इससे एक्सपर्ट को उम्मीद जगी है कि खोई हुई प्रजाति फिर से फल-फूल सकती है।

एक्सकम लोहेरी एक ऐसी प्रजाति है, जो खो गई थी लेकिन करीब सवा सौ साल बाद फिर मिली है और फूल भी खिल रहे हैं। खास बात ये है कि यह अपने पोषण के लिए फोटोसिंथेसिस यानी प्रकाश-संश्लेषण के बजाय मिट्टी में मौजूद फंगस पर निर्भर करता है।
मसुंगी जियोरिजर्व

विशेषज्ञों को जगी नई उम्मीद

मसुंगी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यह याद दिलाता है कि जानी-पहचानी जगहों पर भी ऐसी प्रजातियां हो सकती हैं जो देखे जाने, अध्ययन किए जाने और संरक्षित किए जाने का इंतजार कर रही हों। कभी-कभी संरक्षण का मतलब यह सुनिश्चित करना होता है कि विज्ञान की नजर से खो चुकी प्रजाति को फिर से खिलने के लिए जगह मिले।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 16 September 2026
टोक्यो: जापान धान की खेती से दोहरा लाभ कमा रहा है। धान के बचे वेस्ट और बिना इस्तेमाल वाले बेकार चावल को जापानी कॉस्मेटिक्स और रोजमर्रा के घरेलू सामान बनाने…
 16 September 2026
स्टॉकहोम: अमेरिका भले ही परमाणु बम बनाने से रोकने के लिए ईरान पर हमले कर रहा है लेकिन दुनिया में जिन देशों के पास पहले से ही परमाणु बम हैं…
 16 September 2026
थिंपू: नेपाल ने बीते महीने भयावह बाढ़ का सामना किया, जिससे देश के बड़े हिस्से में तबाही हुई है। बाढ़ के बाद नेपाल सरकार ने भारत, चीन जैसे बड़े कार्बन…
 16 September 2026
तेल अवीव/तेहरान/रियाद: मिडिल ईस्ट की भू-राजनीति में तेजी से बदलाव हो रहे हैं। ईरान युद्ध की वजह से खाड़ी देशों ने उस इजरायल के साथ संबंध बनाना शुरू कर दिया…
 16 September 2026
मनीला: फिलीपींस में एक फूल 100 साल से ज्यादा समय बाद वापस आया है। मसुंगी जियोरिजर्व ने बताया है कि इतिहास में खो गई मानी जाने वाली फूलों की ये…
 16 September 2026
बर्लिन/तेल अवीव/रियाद: इजरायल, अमेरिका, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, कुवैत, कतर, जॉर्डन और मिस्र के सैन्य प्रमुखों ने पिछले हफ्ते जर्मनी में ईरान के साथ युद्ध और क्षेत्रीय तनाव…
 16 September 2026
रियाद/तेहरान: यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब को बहुत बड़ा झटका देते हुए उसके एफ-15 लड़ाकू विमान को मार गिराया है। हूती विद्रोहियों ने आधिकारिक तौर पर दावा किया…
 16 September 2026
लंदन: ब्रिटेन के टूटने की संभावना और वेल्स, स्काटलैंड और उत्तरी आयरलैंड के रुख के बीच ऑक्सफोर्डशायर के पिडिंगटन गांव में मंगलवार को आजादी का जनमत संग्रह हुआ है। इंग्लैंड…
 14 September 2026
बर्न: स्विटजरलैंड की राजधानी बर्न में गर्मियों के दौरान आरे नदी के किनारे अनोखा नजारा देखने को मिलता है। ऑफिस में काम करने वाले लोग, छात्र और स्थानीय निवासी नदी…
Advt.