भारत ने कैसे डिफेंस किया टी20I इतिहास का सबसे छोटा स्कोर, वाइड बॉल पर बवाल, जानें क्या कहते हैं नियम
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23-09-2026 11:57 AM
कांटो (जापान): भारत और जापान के बीच ऐतिहासिक टी20 मुकाबले में टीम इंडिया ने 2 रन के अंतर से जीत हासिल की। मंगलवार को खेले गए इस मैच में बारिश का साया रहा। इससे कई घंटे की देरी से मैच शुरू हुआ। ऐसे में अंपायरों ने दोनों पारियों में ओवरों की संख्या घटाकर 5-5 कर दी थी। भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 32 रन बनाए। इसके बाद जापान को 30 रन पर रोककर मैच जीत लिया। इसी के साथ भारत टी20 में सबसे छोटे स्कोर का सफलतापूर्वक बचाव करने वाली टीम बन गई।इस मैच के आखिरी ओवर में जमकर ड्रामा हुआ और भारतीय टीम के विरोध के बाद अंपायर ने वाइड का फैसला भी बदल दिया। हालांकि, अगर अंपायर सही नियम से चलते तो भारत यह मैच 3 रन के अंतर से जीत सकता था।फाइनल ओवर में क्या हुआ?
33 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए जापान ने 4 ओवर में 3 विकेट खोकर 25 रन बनाए थे। आखिरी ओवर अक्षर पटेल को मिला। उनकी शुरुआती 2 गेंद में एक रन बना। तीसरे गेंद पर जापानी बल्लेबाज ने रिवर्स स्वीप खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद से संपर्क नहीं कर सके। गेंद घूमकर उनके लेग स्टंप के बाहर निकल गई और जापानी अंपायर ने इसे वाइड करार दिया। अगली गेंद में भी ठीक ऐसा ही हुआ तो भारतीय टीम ने विरोध करना शुरू कर दिया, जब कप्तान श्रेयस ने विरोध जताया तो लेग अंपायर की जगह खड़े न्यूजीलैंड के क्रिस ब्राउन मुख्य अंपायर के पास पहुंचे और उन्होंने वाइड का फैसला बदल दिया। जापानी अंपायर के पास सिर्फ 17 टी20 मैच का अनुभव था, जबकि क्रिस ब्राउन आईसीसी के अंपायरों के एलीट पैनल का हिस्सा हैं। इसी वजह से उन्होंने जापानी अंपायर से सही फैसला देने को कहा।क्या कहते हैं नियम?
नियम के अनुसार यदि कोई बल्लेबाज अपनी शुरुआती जगह से हिलता है और गेंद वहीं से निकलकर विकेटकीपर के पास जाती है तो इसे वाइड नहीं माना जाएगा। लंबे समय से ऐसी गेंदों को सामान्य माना जाता है। जापानी अंपायर ने 2 गेंदों को वाइड करार दिया था। अगर उनकी जगह अनुभवी अंपायर होता तो दोनों गेंदे लीगल मानी जाती। इस स्थिति में भारत 3 रन से मैच जीत सकता था।खराब पिच के कारण मजा किरकिरा
इस मैच में खराब पिच के कारण टी20 मैच का पूरा मजा किरकिरा हो गया। जहां फैंस चौके-छक्के देखने पहुंचे थे। वहां, स्पिन पिच पर पूरे मैच में सिर्फ 4 चौके लगे। सभी 10 ओवर स्पिन गेंदबाजों ने किए और यहां रन बनाना बेहद मुश्किल था। इसी वजह से भारत भी पहले बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 32 रन बना सका। इसके बाद जापान के खिलाफ छोटे स्कोर का बचाव करने में भी सफल रहा।