विरोध करना लोकतांत्रिक-अधिकार है, लेकिन मर्यादा से गिरना चारित्रिक-पतन है, परमात्मा मुझे वो दिन न दिखाए कि मैं अपने महान भारतवर्ष में कभी जोकर-राज देखूं।
मनोज मुंतशिर
मेरे बच्चों, जेन जी के चिरागों, हंसने के लिए बीरबल के चुटकुले पढ़ लेना, पंचतंत्र की कहानियां पढ़ लेना, तेनालीराम के किस्से पढ़ लेना, लेकिन ऐसे भावना-शून्य जोकरों को अपनी मोबाइल स्क्रीन पर जगह देकर, अपने माता-पिता की परवरिश को लज्जित मत करना, जीते रहो
मनोज मुंतशिर