भोपाल: मध्य प्रदेश बीजेपी के नए प्रभारी बिप्लब देब पहली बार एमपी आए थे। दो दिनों तक उन्होंने पार्टी के कोर ग्रुप, कार्य समिति और अन्य नेताओं के साथ बैठक की। बैठक के दौरान पार्टी के अंदर चल रही गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है। पार्टी के बड़े नेताओं के भी अपने-अपने दर्द थे। इसके बाद बिप्लब देब ने सभी को मतभेद दूर करने की नसीहत दी है। साथ ही सभी को मिलकर काम करने को कहा है।पार्टी में है लोकतंत्र
दरअसल, बीजेपी के अंदर चल रही खींचतान समय-समय पर सामने आ जाती है। इसे लेकर प्रदेश प्रभारी बिप्लब देब ने बड़े नेताओं में समन्वय की कमी से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी में लोकतंत्र है जबकि बाकी दलों में ऐसा नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा कि बीजेपी में वामपंथी दलों की तरह नहीं है, जिसमें लोकतंत्र ना हो।बीजेपी में परिवार तंत्र भी नहीं है जो कि एक परिवार के इर्द-गिर्द घूमती रही। हमारे यहां लोकतंत्र और शालीनता हमारा सबसे बड़ा आभूषण है।
बिप्लब देब, एमपी बीजेपी प्रभारी
आपसी मतभेद सुलझाएं
पार्टी नेताओं के साथ मीटिंग के दौरान बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और सह प्रभारी रेखा वर्मा भी मौजूद थीं। इस दौरान बिप्लब देब ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से कहा कि गुटबाजी से दूर रहें। साथ ही आपसी मतभेद को जल्द से जल्द सुलझाएं।गुटबाजी बर्दाश्त नहीं
वहीं, पार्टी मीटिंग में मौजूद एक पदाधिकारी के अनुसार बिप्लब देब ने दो टूक शब्दों में कहा है कि गुटबाजी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा है कि आपसी मतभेज हैं तो इसे आपस में बातचीत के जरिए सुलझाए। बिप्लब देब ने यह भी कहा कि अगर बात नहीं बनती है तो वरिष्ठ नेताओं को बताइए।बातचीत से अगर कोई समाधान नहीं निकले तो प्रदेश अध्यक्ष और प्रभारियों तक अपनी बात पहुंचाइए।
बिप्लब देब, एमपी बीजेपी प्रभारी
होर्डिंग और माला से भी दूर रहने की सलाह
इसके साथ ही बिप्लब देब ने कार्यकर्ताओं से सादगी अपनाने की अपील की है। उन्होंने बड़े-बड़े होर्डिंग, बैनरों और फूल-मालाओं से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है। इनकी जगह केंद्र और राज्य सरकार के कामकाज का लाभ समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों तक पहुंचाने के लिए ध्यान केंद्रित करें।कोई छोटा या बड़ा नहीं
उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि बीजेपी एक ऐसा संगठन है, जहां कोई कार्यकर्ता छोटा या बड़ा नहीं होता है। यहां अनुभव मायने रखता है। संगठन युवाओं के जोश और वरिष्ठों के अनुभव से आगे बढ़ता है। केंद्र और राज्य की उपलब्धियों को जनता के बीच ले जाना कार्यकर्ता की नैतिक जिम्मेदारी है।
हर लोग दायित्वों को निर्वहन करें
इसके साथ ही उन्होंने साफ संदेश दिया है कि संगठन की मजबूती के लिए प्रदेश अध्यक्ष से लेकर बूथ स्तर तक के सभी कार्यकर्ता एक होकर काम करें। साथ ही जनता ने जो दायित्व दिया है, उसी पूरी निष्ठा के साथ निर्वहन करें। साथ ही एमपी में बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं से जाकर जल्द ही मुलाकात करेंगे।बैठक के दौरान भी आईं शिकायतें
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पार्टी पदाधिकारियों की मीटिंग में भी बड़े नेताओं ने अपना दर्द बयां किया। कथित रूप से डेप्युटी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि अधिकारी हमारी सुनते नहीं हैं। इसके साथ ही कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि सीएम से 15-15 दिनों तक मुलाकात नहीं होती। कथित रूप से शिवराज सिंह चौहान ने भी कहा कि जिलों में जाने पर कलेक्टर प्रोटोकॉल को फॉलो नहीं करते।