
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक, प्रदेश के ऊपर सक्रिय मानसून ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण मजबूत मौसम प्रणाली बनी हुई है। यह सिस्टम ओडिशा, दक्षिण झारखंड और उत्तर छत्तीसगढ़ से होते हुए मध्य प्रदेश के पूर्वी और मध्य हिस्सों में भारी बारिश कराएगा। इसके बाद इसके धीरे-धीरे कमजोर होकर अवदाब और फिर निम्न दबाव क्षेत्र में बदलने की संभावना है।
मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, रीवा, सतना, शहडोल, धार, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, रतलाम, मंदसौर, नीमच, विदिशा, राजगढ़, शिवपुरी, मुरैना, भिंड, दतिया, कटनी, मंडला, डिंडौरी, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, टीकमगढ़, निवाड़ी सहित कई जिलों में भी कहीं हलकी तो कहीं तेज बारिश की संभावना जताई है।
इस बीच प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का असर भी दिखने लगा है। ग्वालियर में बुधवार सुबह झमाझम बारिश से लोगों को कई दिनों की गर्मी और उमस से राहत मिली। वहीं बालाघाट में दो दिनों से लगातार बारिश के कारण बीते 24 घंटे में करीब 3 इंच पानी गिरा। इससे दैतबर्रा-मंगलेगांव पुल, टोंडिया नाला और थानेगांव का नाला उफान पर आ गए। सुरक्षा के मद्देनजर कई मार्गों पर आवागमन रोक दिया गया, लेकिन कुछ लोग अब भी जान जोखिम में डालकर नाले पार कर रहे हैं। टोंडिया नाले का पानी एक ढाबे में भी घुस गया।
कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक धर्मेंद्र अगासे ने बताया कि 30 जुलाई को भी जिले में बहुत भारी बारिश, बिजली, आंधी-तूफान और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।