पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की 20 अक्टूबर को दशहरे के दिन से सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा शुरू होगी। इससे पहले साेमवार को कम्प्यूटर बाबा साधु-संतों के साथ कलेक्टर रोशन सिंह के बंगले पर प्रदर्शन करने पहुंचे।

कम्प्यूटर बाबा का आरोप है कि यात्रा के शुभारंभ पर हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा करने की अनुमति नहीं दी गई। इसी के विरोध में कलेक्टर बंगले के सामने बड़ी संख्या में साधु-संतों धरने पर बैठ गए और नारेबाजी कर रहे हैं।


दिग्विजय बोले- 2021 से हो रहा चंदा चोरी


वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी सोमवार को उज्जैन में प्रेस से बात की। उन्होंने कहा कि यह उनकी निजी और गैर राजनीतिक यात्रा है। दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी और धार्मिक स्थलों की व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग उठाई।

उन्होंने आरोप लगाया कि 2021 में राम मंदिर निर्माण से जुड़े चंदे में चोरी और कमीशन की शिकायत करने वाले कोषाध्यक्ष महिपाल सिंह और इंजीनियर दीनानाथ वर्मा को अगले ही दिन पद से हटा दिया गया था।

सिंह ने कहा कि यात्रा का उद्देश्य श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट को भंग कर मंदिर की व्यवस्था का दायित्व रामालय ट्रस्ट को सौंपना है। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर निर्माण में अनियमितताओं की शिकायत करने वालों पर कार्रवाई हुई, लेकिन चंपत राय के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई।

2021 में शिकायत करने वालों को हटाने का आरोप

दिग्विजय सिंह ने कहा कि राम मंदिर निर्माण कार्य की जिम्मेदारी संभाल रहे इंजीनियर दीनानाथ वर्मा ने शिकायत की थी कि बिल पास करने के लिए अनिल शर्मा 40 प्रतिशत कमीशन मांग रहे हैं। सिंह के मुताबिक, शिकायत के बाद वर्मा को हटा दिया गया। वहीं, तत्कालीन कोषाध्यक्ष महिपाल सिंह ने भी 2021 में चोरी होने की बात कही थी। सिंह ने आरोप लगाया कि अगले ही दिन उन्हें भी पद से हटा दिया गया।

उन्होंने कहा कि दीनानाथ वर्मा के बयान उनके पास हैं और वे भी यात्रा में शामिल होंगे। सिंह ने आरोप लगाया कि चंपत राय को बचाने के लिए प्रधानमंत्री से लेकर आरएसएस तक के लोग लगे रहे।

यात्रा में संत होंगे शामिल

20 अक्टूबर से उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर से अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर तक सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा निकाली जाएगी। यात्रा में शामिल होने के लिए संत उज्जैन पहुंच रहे हैं। महामंडलेश्वर कंप्यूटर बाबा बड़ी संख्या में संतों के साथ यात्रा के शुभारंभ में शामिल होंगे।

कांग्रेस विधायक महेश परमार ने बताया कि ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती ने भी यात्रा को समर्थन और आशीर्वाद दिया है। इसके अलावा अग्निपीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर ब्रह्मर्षि श्रीमद् रामकृष्णानंद जी महाराज ने भी यात्रा की सफलता की कामना की है।

यात्रा में दिग्विजय सिंह की प्रमुख मांगें

  • श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट को तत्काल भंग किया जाए।

  • श्रीराम मंदिर की व्यवस्था का दायित्व रामालय ट्रस्ट को सौंपा जाए।

  • रामालय ट्रस्ट में सभी पीठों के शंकराचार्य, रामानंद संप्रदाय के संत, निर्मोही अखाड़े के प्रमुख और गोरखनाथ मठ के प्रतिनिधि शामिल हों।

  • राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की घटनाओं को लेकर ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव, कोषाध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उन्हें आरोपी बनाया जाए।

  • राम मंदिर ट्रस्ट में किसी राजनेता या सांप्रदायिक संगठन के सदस्य को पदाधिकारी न बनाया जाए और न ही कोई जिम्मेदारी सौंपी जाए।

उज्जैन में यात्रा का मार्ग

दिग्विजय सिंह सबसे पहले चिंतामन मंदिर में दर्शन करेंगे। इसके बाद नृसिंह घाट के पास बालाजी गार्डन में शिवलिंग का निर्माण किया जाएगा। यहां से यात्रा शुरू होकर महाकाल मंदिर पहुंचेगी।

इसके बाद यात्रा पटनी बाजार, गोपाल मंदिर, कमरी मार्ग चौराहा, टंकी चौराहा, मिर्जा नईम बेग मार्ग, तेलीवाड़ा चौराहा, कंठाल चौराहा, निजातपुरा, कोयला फाटक, नगर निगम के सामने, गाड़ी अड्डा चौराहा, दरगाह मंडी और कानीपुरा रोड से होते हुए श्री साईं कुंज कॉलोनी, तराना रोड पहुंचेगी। यहां रात्रि भोजन और विश्राम होगा।